🌼खुद को बदल रहे है…

तेरे हो के भी न होने पर फर्क तो पड़ता मुझे..तुझे तो कल भी कोई फर्क न पड़ा होगा,न ही आगे पड़ेगा!!! चलो,अच्छा हुआ ये साफ तो हुआ की सच मे तुम वही हो जैसा हम तुम्हारे बारे मे सोचा करते थे…“हां हां बिल्कुल वैसे ही हो तुम..मेरी सोच मे जैसे थे”
                क्या कभी भी तुमने ये सोचा है कि जितना तुम किसी को तकलीफ देते हो..अगर वही पलट के तुम्हें वापस मिल जाये तो..मैं बोलूं...सह नही पाओगे बिल्कुल भी…😒

तेरी खुशी,तेरी जरूरतें,तेरे सपने…बस तुम्हारी दुनिया यही तक सीमित है..औरों का क्या जो अपनी खुशी से पहले;तेरी खुशी..जरूरतें..सपने को अपना बना कर..जीते आये है??? तुम नही समझ पाओगे कभी भी की जब कोई अपना,दूसरों के वजह से बार-बार तकलीफ देता है,तो कैसा महसूस होता है…समझ तो तुम्हे तब आती जब तुम्हारे साथ हो ऐसा,लेकिन नही होगा…क्योंकि तुम्हारी तरह हर इंसान की सोच नही होती..रिश्ते की गरिमा हमारे समझ मे बहुत अच्छे से आती है..उस गरिमा की दहलीज़ पार नही कर सकती..किसी के कहने पे..खुद की सोच है,दूसरों के इशारों पे तो जानवर चलते है..मैं तो इंसानो की श्रेणी मे आती हूँ!! तुम समझो तुम्हारी सोच..तुम्हे किस श्रेणी मे लाकर खड़ा कर रही..इतने समझदार तो हो तुम समझ जाओगे..कि असलियत मे तुम्हारी पहचान लोगों के बीच क्या है..

बदल रही हूँ मैं खुद को..इस बार खुद के लिए,खुद की खुशी के लिए,खुदी मे जो दबा के रखी है,उन चाहतों के लिए…

यकिनन..मुझे पता है कि तुम्हे मेरे बदले हुए स्वरूप  पसंद न आये..लेकिन ये तो स्वभाविकता है;जब सामने वाला मेरे प्यार,इज़्ज़त की धज्जियाँ उड़ा रहा हो तो मैं भी बदल ही जाऊँ…इन आँसुओं को भी थोड़ा तो आरम मिलेगा…सच बोलूं तो बदल तो तेरी सोच गयी है;हमारी सोच मे तो आज भी तुम्हारे लिए वही प्यार और इज़्ज़त है..लेकिन दिल मे कहीं दफन हो कर!!!

खुद को बदले बदले से देख कर..बदले की भावना जाग रही है..क्या ये भावना है बस मेरी खुराफ़ाती दिमाग की उपज है या..सच मे खुद को बदल के..तुमको भी सबक दे के जाऊंगी…देखते है,क्या होता है…

                         2k16©आपकी …Jयोति🙏

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29 thoughts on “🌼खुद को बदल रहे है…

  1. बदल बदल कर इतना बदले , गिरगिट बन गए हम , फिर भी कहते हो , खुद को बदलो ,और कितना बदलें हम .. “निवेदिता ” जानती हूँ यह मात्रा क्षणिक सोच मात्र है , न छोड़े बनता है न पकड़े न ही कोई सीख सिखाई जा सकती है । कभी हम समझ लेते हैं कभी वो समझा लेते हैं 🙂

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  2. मेरा सौभाग्य है कि मुझे आपका इतना सार्थक लेखन पढ़ने को मिलता है और मुझे यह पूर्ण विश्वास है कि आप बहुत आगे तक जायेंगी…अब हॉं मैं भी लिखता हूँ लेकिन आप जैसा नहीं..फिर भी उन्मुक्त कंठ से प्रशंसा के लिये आभारी हूँ आपका 🙂

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  3. इसमें कोई शक नही कि मन में उठ रहे विचारों को इतनी सार्थकता से लिखने में आपका जबाब नहीं..हमेंशा एक उत्सुकता बनी रहती है कि आगे और क्या..और मुझे यह बदलाव (कहानी वाला) काफी अच्छा लगा..बेमिसाल :))

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    1. Avi सर आप पढ़ते हैं मेरे पोस्ट को यही मुझे बहुत ख़ुशी देती हैं.. क्या बोलूँ मैं बस इतना हीं की आपकी तरह एक दिन मैं भी अच्छा लिखना चाहूँगी..😊😊

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    2. ऐसे फालतू के कुछ भी न लिख के आपकी तरह यथार्थ एवं सार्थक और शाश्वत सत्य जैसा कुछ जैसा आप लिखते हैं… आपका पढ़ के सच में लगता कुछ लिखा गया है

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  4. ज्योति के लिए हमेशा वही प्यार और इज्जत.जल्दी इसलिए कि लोग बिन बताये निकल लेते इस दिल से.एक गड्ढा हो जाता निकल जाने.प्यार और इज्जत उधर ही दफन कर भर देता उसे.आप न रहे प्यार और इज्जत तो रहे दिल मे.दफन न करू तो आप उसे भी लेते चलिए

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  5. सडु नही बेस्टी..ज्योति
    तुम्हारे लिए वही प्यार और इज़्ज़त है..लेकिन दिल मे कहीं दफन हो कर!!
    💓 touching

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    1. मेरे लिए प्यार..और इज़्ज़त है वो भी दफन हो के..इतनी जल्दी क्यूँ दफन हो गयी आशीष..😑😑😑😑

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