🌸थोड़ा ही सही…

अहमियत..एक ऐसा शब्द है,जो किसी भी इंसान,पशु,पंछी,निर्जीव वस्तु जिससे भी जुड़ जाए वो आम से खास हो जाती है!!!!

               मैं…क्या हूँ…क्या थी..कुछ थी भी की नही तेरी नज़रों मे पता नही मुझे!! जब ध्यान से सोचती हूँ;सारी बातें तो बस एक बात ही निकल के आती है…मैं थी तो तेरी ज़िन्दगी मे..तुम्हारे हर खुशी,गम में लेकिन शायद तु कभी न था..मेरे लिए..मेरी खुशी में..मेरे गम मे यक़ीनन तुम पास हो के भी कभी पास नही थे!! वही बात है..दूसरों को अपना बनाना बहुत आसान बात है..लेकिन अपनो को अपना कैसे बना लूँ..जिनके लिए मैं अपनी हो के भी अपनी हूँ ही नही..क्या मुझे तकलीफ नही होती हैं..होती है,बहुत होती है..लेकिन अब सोच लिया है..बातें खुद तक जितनी सीमित रखूँगी..उतनी जल्दी खुद को संभाल लूँगी वरना लोगों का क्या है,😒😒…सहानुभूति नही चाहिए मुझे आपकी बस…थोड़ा ही सही मुझे बस मेरी पहचान के साथ जीने दो!!


थोड़ा ही सही…मुझमें कहीं थोड़ा सा,मुझको तो रहने दो..थोड़ा-थोड़ा कर के बहुत बदल लिया है,खुद को..अब थोड़ा सा ही…खुद मे खुद को ज़िंदा रखना चाहती हूँ!!!
                                

                              2k16©आपकी…..ज्योति🙏


Advertisements

11 thoughts on “🌸थोड़ा ही सही…

  1. .जैसे अँधेरा और ज्योति पास पास ही है पर साथ नही .अँधेरे में उजाला हो जाये या उजाले में अँधेरा तो दोनो एक जैसे हो साथ हो जाये..पर बदले कौन.अहमियत ज्योति को
    बदले पर इतना न कि
    ज्योति में ज्योति न रहें ..थोड़ी तो रहे उसकी खुदकी..उसकी पहचान..उसका वजूद

    Liked by 2 people

  2. जैसे अँधेरा और ज्योति
    पास पास ही है पर साथ नही
    अँधेरे में उजाला हो जाये या
    उजाले में अँधेरा तो
    दोनो एक जैसे हो जाये
    फिर मिल जाये..
    पर बदले कौन.अहमियत ज्योति को
    बदले पर इतना न कि
    ज्योति में ज्योति न रहें ..थोड़ी तो रहे उसकी खुदकी..उसकी पहचान..उसका वजूद

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s