🏵भटकती भावनाए…

Emotion…भावना!!!

भावनाओं का क्या है..ये हर वक़्त बस हमारे दिल में उमड़ती ही रहती है..कभी किसी के लिए प्यार बन कर..कभी-कभी बदले का भाव लेकर..मेरी भी भावनाओं का भी यही हाल है दोस्तों..😊😊

जैसा की आपलोग मुझे जानते हीं हैं..मैं थोड़ी अजीब हूँ..कब,क्या,क्यों,कहाँ,कैसे…किन्तु,परंतु,लेकिन,ऐसा क्यों,वैसा क्यों…इनसब को लेकर जायदा ही सोचने लगती और फिर क्या हमेशा की तरह खुद को ही दुःखी कर लेती हूँ!! मुझे पता है,इस वक़्त आप खुद के बारे मे सोचने लगे होंगे की..अरे!! ये तो मैं हूँ… जी बिल्कुल आपलोगों की तरह ही तो मैं भी हूँ!! 

क्या यार..हमारे इमोशन्स पे हमारा हीं कोई कंट्रोल नही होता..ये बड़ी गंदी बात है..हमारे इमोशन्स हमारी ही बैंड बजाते है.और हम कुछ नही कर पाते,विरोध करें यारों वर्ना ये हमलोगों पे अपनी पकड़ मजबूत बना लेंगे;ये तो बिल्कुल गलत है..है की नही आप ही बोलो..इमोशन्स हमारे..इमोशनल भी हमें ही कर जाते..भक्क!!😑 खैर छोड़ो..जैसा भी है अपना ही है..इसी के साथ तो रहना है..या यूँ कहूँ इसको झेलना है..😂😂 मुझे क्या लगता हमारी अंदर छुपी भावनाए हो या दुनिया के सामने रखी भावनाए सभी बस भटकती हुई मुझे नज़र आती है..अब आप सोच रहे होंगे..ऐसे कैसे..अरे!! भटकती न बोलूं तो क्या बोलूँ…आप ही बोलो..जैसे मैं अपनी ही बात आपको बताती हूँ…मेरे इमोशन्स एक इंसान,जानवर,पंछी..के लिए हर वक़्त एक जैसे नही रहते..कभी-कभी जिससे बहुत जायदा परेशान रहती हूँ..अगले ही पल उसके लिए दिल मे प्यार आ जाता..खुद को ही नही समझ पा रही मैं यार..अपनी भावनाओ को क्या खाक समझ पाऊँगी..😕

चलते है..थोड़ा भटक के आते है; इन भावनाओ के साथ!!!

👉ये सॉन्ग सुनिए..”नज़रें मिलना,नज़रें चुराना…कहीं पे निगाहें,कहीं पे निशाना “satik baithti hai apne emotions pe..😊😊

                                2k16©आपकी….Jयोति🙏

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11 thoughts on “🏵भटकती भावनाए…

  1. bada maza aaya ye padh ke .. ha jyoti hume bhale kisi aur ko chance kyu de humare emotions ko control karne ..batatyiye .. koi acha kaha to mann khush .. koi bura kaha to dukh hota hain .. waise dekhe jaaye to humara mann ya emotions humare pakad se zyada doosron ki pakad me kyu honi chahiye ..

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    1. सुप्रीत थैंक यू डिअर..हाँ,लेकिन हमारी खुशियो की चाभी कभी दूसरों के हाथ में नहीं पकड़वानी चाहिए…कोशिश हमेशा ये रहनी चाहिए की हम खुश और दुःख हो तो सिर्फ अपनी वजह से दूसरों की वजह से तो बिलकुल नहीं😊😊😊ं

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  2. Not for nothing are they (feelings) called sentiment. In fact are preferential. Some hold that this is our lot, our purpose. But in fact the statement “Our lot” speaks tons. It sounds like a Condemnation. I know, some will think me bitter, but in truth I have found something, higher and better, more realistic.
    We have a hurt deep within. All our deeds are born out of that innate. And this is why the distraction, anything which will contradict the innate becomes a thing for perpetuation, a banner for humankind. I will stop here for it is not kind or fair to continue on this vein in visiting especially a site so lovely as this. I thank you for this post. You have a great following which tells of what a lovely heart you possess. Please forgive me if I have offended you. Keep up the good work.

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  3. धीरे बोलिये.Income tax वाले भी है. इनको भी देखना है ना.करोड़ गुना अच्छा है लेकिन छुपाना पड़ता है.

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