🌼आज भी वही हूँ..

आज़ादी…किसे पसंद नही आती,मैं भी अब खुद को आज़ाद महसूस कर रही हूँ!! अब किसी से कोई मतलब नही..बस अपनी छोटी सी दुनिया जिसमें मैं हूँ..मेरी सोच और मेरी तन्हाई..जिसे मैं कभी तन्हा रहने ही नही देती..अपनी तन्हाई को भी मेरे सोच की आदि बना चुकी हूँ!!सच्चाई तो ये हैं..हमेशा से मैं अकेले ही थी,इस दुनिया के भीड़ में..रिश्ते नातों के बीच..लेकिन फिर भी एक भ्रम में ज़िन्दगी जी रही थी कि अपने प्यार से उनको भी अपना बना ही लूँगी;जिन्हें भगवान ने पहले से ही अपना बना के भेजा हैं;लेकिन अफसोस मैं उनकी कुछ नही हूँ..उनकी नज़र में मैं बस इस्तेमाल करने की चीज़ हूँ,मतलब निकल जाने पर तो वो हमेशा से मुझे उठा के फ़ेक ही देते थे;फिर भी मैं लौट के उनके पास हीं जाती थी..बस इतना सोच के की जाने दो..वो चाहे जैसा भी मेरे साथ करे मैं ही जाती हूँ….और सच में वो मेरे लिए दुनिया की हर खुशी से पहले भी आते है और हमेशा रहेंगे..जिनको मैंने तो हमेशा से इतना प्यार किया..जितना मैंने…..खैर सब पीछे छूट गया..अब हर कुछ बीती बातें लगने लगी हैं…हँसी तो मुझे इस बात पर आती है..वो सोचते है मैं बहुत मूर्ख हूँ और मुझे उनकी घटिया दिमाग की चाल समझ ही नही आती..लेकिन कोई उन्हें ये जाकर बता दे की..जो तुम करते हो..कर रहे हो..कर चुके हो..क्या कर सकते हो;वो तुमसे पहले मुझे पता होता है!! किसी को मेरे खिलाफ करने की जरूरत नही क्योंकि मुझे इन सब से कोई फ़र्क़ नही पड़ेगा..

दूर होना अच्छा लगा मुझे इसलिए मैं आज बहुत दूर जा चुकी हूँ उनसे जिनके सबसे करीब थी मैं हमेशा से और शायद ज़िन्दगी में उतना किसी को मैं…जो भी हो..ऐसा होगा कभी सोचा नही था मैंने..वो कहते है न..सबकुछ एक सीमा तक ही सहा जा सकता हैं..मुझे लाख बातें सुना लो सुन लूँगी..वशर्ते वो बातें तुम्हारी खुद की हो..लेकिन किसी के कहने पर अगर तुमने मुझे और मेरे प्यार को एक पल में पराया बना ही दिया..तो कोई फायदा ही नही दिखावे का रह जाता हैं…अब दुनिया का हर वो इंसान खुश होगा जिसे हमारे दोस्ती,प्यार से हमेशा से दिक्कत थी,और उनके मुँह से बस यही निकलता था की इनकी दोस्ती इतनी अच्छी कैसे है!! 

एक बात बोलूँ मैं कल भी वही थी..जो आज हूँ..बस अब थोड़ा खुद को बदल लिया है मैंने…क्योंकि शायद अब वक़्त आ ही गया था बदलने का….
                               2k16©आपकी….Jयोति🙏

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7 thoughts on “🌼आज भी वही हूँ..

  1. We all are born as heroes (one who lives couragely and contributes constructively) just coz many are neither doing well or being good, henceforth only these rare individuals are considered as Heroes and rest simply follow /admire/adore/chase these Heroes wake up, emerge the Hero out of you

    Liked by 1 person

  2. पराई मैं
    मेरा प्यार भी
    उन अपनो के लिए
    जो पराये न थे
    थे अपने
    था उन्हे ही
    अपना बनाना

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