Dear Gulmehar Kaur!

#gulmeharkaur #India #kargilwar #blog

पिछले तीन दिन से तुमने और तुम्हारी तख़्ती ने हमारे देश की सियासत को नयी बुलंदी प्रदान की हैं,क्या खूब सराहनीय कदम उठाया हैं तुमनें… जी में आ रहा तुम्हें गले लगा लूँ। अरे! बाबा तुमनें इतना बेहतर काम जो किया हैं शाबाशी तो बनती हीं हैं…तुम्हारी वजह से देखो न हमारे देश के राजनेता की शक्लें कितनी साफ़-साफ़ फिर से प्रदर्शित होने लगी…जहाँ थोड़ा इनपे विश्वास करने को दिल हो ही रहा था कि तभी वहाँ तुमनें आकर इनको फिर बेनकाब कर दिया। जीते रहो!..खूब खुश रहो! जैसे आज तो बहुत खुश होगी तुम…बस 3दिन में तुमनें इतना कुछ हासिल किया हैं वो तो काबिल-ए-तारीफ़ हैं,.. इतने अच्छे,सभ्य, राष्ट्रवादी नेताओं का साथ मिल रहा तुम्हें और तो और आज तो तुम्हारा ट्विटर अकाउंट भी ब्लू टिक के साथ हमें मुँह चिढ़ा रहा। अब देखों न कल तक कौन जानता था तुम्हें… कोई भी तो नहीं,और अब कौन नहीं जानता तुम्हें! तुमनें जो साहसी कदम उठाया हैं उसके लिए तुम्हारा तो जवाब नहीं। अच्छा! 20 साल की हो न तुम फिर भी देखों इतनी अच्छी समझ हैं तुममें की तुमनें एक झटकें में राजनीती की गटर खोल के रख दी! लाइम लाइट में आने का कितना बढ़िया तरीका ढूँढ निकाला तुमनें। वैसे तुम तो कट्टर सहिष्णु  दिखाई पड़ती हों,क्योंकि तुम्हें देश विरोधी बातों में सहिष्णुता दिखाई पड़ती है। इसमें कोई बड़ी बात नहीं होगी की अगले विधानसभा चुनाव में तुम्हें तुम्हारे प्रिय साथी(JNU के टीम)के साथ खड़े होने का मौका मिल जाए…अरे! वही तुम्हारे साथी जिनके नक़्शे कदम पर तुम अपनी कदम रख के मंजिल की ओर बढ़ रही हो…

वैसे तुम और तुम्हारे तख्ती पर लिखें स्लोगन से हमें ज्यादा लेनादेना तो हैं नहीं फिर भी…ऐसा तो बिल्कुल नहीं हैं कि हम आहत न हुए हैं इसे देख़ कर। वैसे तुमनें जो भी लिखा हैं क्या उसका मतलब तुम्हें समझ आ रहा…इसका तो खैर कोई फायदा नहीं जानने का लेकिन हाँ तुम्हारे लिखें पर आज हमारे सोशल मीडिया में अनेकों जुमले जरूर बन गए हैं। असल बात तो ये हैं कि जुमले होते कुछ नहीं हैं ये बस वो बातें होती हैं जिसके आधार पर हम लोगों को बातें सरल शब्दों में समझाना चाहते हैं, लेकिन लोग मतलब तो नहीं समझ पाते लेकिन हाँ उस बेस लाइन को जरूर उधेड़ कर रख देते हैं। जैसे हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी ने बस हमें सरल भाषा में समझाने के लिए इतना कहा था कि विदेशों में इतना काला धन हैं कि हर किसी के खाते में 15 लाख आ सकते हैं…ये बातें सिर्फ इस बात का अंदाज़ा लगाने के लिए हीं बोला गया था कि आप सोच ले की कितना काला धन हैं।लेकिन हुआ क्या..विरोधियों ने 15 लाख हीं सिर्फ याद रखा और आये दिन कटोरा लेके आ जाते हैं अपनी राजनीति को चमकाने। और तुम भी इसी मानसिकता की शिकार हुई हो…इसलिए मुझे तुम पर थोड़ा भी रोष नहीं आ रहा। हालांकि तुमसे यहाँ किसी को कोई दुश्मनी तो हैं नहीं लेकिन हाँ अब प्यार भी तो नहीं रहा न!!

देश के विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो आपके पापा और देश के वीर शहीद कैप्टेन मंदीप सिंह की मौत कारगिल युद्ध में नहीं बल्कि पाकिस्तान के द्वारा भेजे गए आतंकियों के साथ मुठभेड़ में हुईं थी। लेकिन, फिर भी तुमनें एक तख्ती पर लिख कर जिस प्रकार से पाकिस्तान को क्लीन चीट दिया हैं…इसका रोष तो लोगों में आएगा हीं!! तुम पाकिस्तान प्रेमी हो इसकी जानकारी तुम्हारे ट्विटर टाइम लाइन पर दिख रहा क्योंकि तुमनें उनको उनके स्वतंत्रा दिवस पर बधाई तो दी लेकिन हमारे दिन को भूल गई… खैर जाने दो ये तो अपनी पसंद की बात हैं…पाकिस्तान प्रेमी हो  और इस नाते तुम उसे क्लीन चीट भी दे रही हो,चलो फिर भी हमें तुमसे कोई शिकायत नहीं तुम करो प्यार उस देश से लेकिन हाँ ज़रा संभल कर किसी को प्यार करने का मतलब ये तो नहीं हैं कि दूसरे की बुराई करो अपने प्यार को साबित करने के लिए…इसलिए अपना मुँह खोलो लेकिन मेरे भारत के खिलाफ नही!! वैसे तुम्हारे उम्र को देखते हुए हमें तुम्हारी भावनात्मक बातें कभी इतनी बुरी नहीं लगती गर सिर्फ ये तुम तक सीमित होतीं लेकिन,ये तो अब सियासी दावों में शामिल हो गया हैं। जो थमने का नाम नहीं ले रहा। वैसे सही कहा तुमनें,हम भारतीयों को पाकिस्तानी थोड़े मारते हैं !हमें तो तुम जैसे छुपे दीमकों से हीं डर हैं,उनसे तो हम निपट लेंगें तुम जैसों से निपटने में बस मुश्किल आ रही!!

तुम एक बात याद रखना कोई यहाँ तुम्हारा साथ नहीं देगा…तुम राजनीति के ख़ेल में एक नया प्यादा बन कर सामने आयी हों, और इस पियादे को अब बहुत चतुराई से इस्तेमाल किया जाएगा और तुम्हें इसकी भनक भी नहीं लगेगी। और सुनों! कभी तुमनें ये सोचा हैं कि तुम्हें इतना ट्रोल क्यों किया जा रहा,क्योंकि हम सब ट्रोलर थोड़े निर्लज हैं लेकिन,ये निर्लज्जता अपनी देश की लज़्ज़ा को देखते हुए हीं करते हैं!! तुम्हें आम आदमी पार्टी का समर्थन मिल रहा चलो ये तो बहुत अच्छी बात हैं लेकिन, बहन ये इस पार्टी और महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालबानी उस वक़्त कहाँ थी जब तुम्हें रेप की धमकी मिल रही थी…सोचों ज़रा तुम्हारा FIR भी ABVP ने दर्ज़ करवाया अजीब हैं न उनलोगों को तुम्हारी सुरक्षा की फ़िक्र तो कतई नहीं है इतना तो साफ़ हैं सोच के देखो और हाँ शुक्र हैं की तुम लड़की हो इसलिए धमकी सिर्फ तुम्हें मिली वरना जो लड़का होती न तो तुम्हारे साथ-साथ तुम्हारी माँ-बहन की इज़्ज़त भी सरे राह नीलाम होती।

खैर! कुल मिला कर मैं और तुम्हारे सभी शुभचिंतक तुमसे सिर्फ इतना चाहते हैं, की अभी तुम्हारी उम्र नहीं हैं इनसब झमेलों में पड़ने की… जिस प्रकार अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं हैं लड़की को गाली देना उसी प्रकार इस आज़ादी का भी हिस्सा नहीं हैं… देश और देश की सेना को गाली देना। देश का मज़ाक तब बनाना जब कभी एक दिन बॉर्डर पर गुजार के आना और फिर पाकिस्तान को अपने पिता का दर्ज़ा देना…और हाँ उम्र के जिस पड़ाव पर हो वहाँ बच्चे किताबों के साथ फोटो खिंचवाते हुए अच्छे लगते हैं तो फिर ये तख़्ती वाला खेल तो तुम हमारे समक्ष खेलना हीं बंद कर दो और देखों अच्छे से पढ़ाई करो क्योंकि कुछ नहीं रखा हैं इन सब में और देश को नीचा दिखाने में आगे चल कर कोई स्कोप भी नहीं हैं.. और अप्रैल से तुम्हारे एग्जाम भी शुरू हैं तो पढ़ाई करो जी लगा के क्योंकि आगे चल के वही काम देगा…और इन राजनेताओं की चिंता न करो उन्हें कोई और प्यादा मिल जायेगा अपनी राजनीति चमकाने के लिए!!

आईना जो तुम को नसीब होता…तजुर्बा तुम्हारा कुछ और होता!!

                      🇮🇳जय हिंद की सेना🇮🇳

❣Emotional Queen All Rights Reserved©
                        2k17©आपकी….Jयोति🙏

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83 thoughts on “Dear Gulmehar Kaur!

  1. A very well written message to that lil innocent girl and i am very glad to your positive thoughts on it, certainly this is her age of studies and doing this irresponsible deeds will only deviates youth from thier love towards country.These things encourage unnecessary intolerance.She is definately misguided by some unmannered bunch of people for thier benefit & a lot of politics was seen over this issue.
    We should love our country & the men on the front fighting for us, everyone wants peace but we cannot pack back our hands when someone continuously attacking back on our country,land & families.
    Loved reading this from your pen my dear sister.Love & lights to your way.Take care📝👌👌

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  2. आपने बहुत अच्छा लिखा है ज्योति जी। एक बार फिर से कहूंगी मेरे विचारों वाली मेरी बेटी समाज को आईना दिखा एक अच्छे समाज का निर्माण करेगी। keep it up.

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  3. बहुत सही लिखा ज्योति…इस पूरे घटनाक्रम को अगर देखा जाये तो एक बात तो तय है कि विपक्षी दल बस किसी तरह सरकार की छवि बिगाड़ने के लिये बीच-बीच में अपने मोहरे फेंकते रहते हैं..कभी कन्हैया कुमार तो कभी गुरमेहर कौर नाम की ये लड़की..अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर उमर ख़ालिद जैसे देशद्रोहियों का समर्थन तो बेहद शर्मनाक है. बहुत दिनों बाद आपका आज ब्लाग पढ़ा..आपका सशक्त लेखन एक जुनून पैदा करता है…बस एेसे ही लिखती रहो :))

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  4. बहुत अच्छा ओपन-लैटर लिखा है आपने, ज्योति जी।

    इन सब के बीच बड़ा दुःख इस बात से होता है कि नेताओं से तो पहले ही उम्मीद नहीं थी लेकिन ये सब ड्रामे के बीच ये मीडिया वालों ने जो अपनी रोटी सेकी है… राई का पहाड़ बनाकर आम जनता को polarise करने की कोशिश की है, बहुत ही निंदनीय है।
    इससे ना जाने क्यूँ जिसे अपने कल का पता नहीं वो आदमी भी चाय की थड़ी पर, गार्डन में घूमते हुए, बस स्टॉप पर…जहाँ जगह मिले वहाँ कट्टर राजनीति करने लगते हैं।

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    1. हाँ यही तो बिडम्बना हैं हमारे देश की…यहाँ मौका हाथ लगा नहीं की सब अपना मतलब साधने में लग जाते हैं!

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  5. बहोत सही लिखा आपने..👏
    वो समझ कर भी नही समझ रही.वो समझ रही वो खेल रही है.जबकि खेल कोई और रहा जिस रोज समझेगी खेल खेलने वाले खेल खत्म कर देंगे.नया प्यादा ले आयेंगे.पिता शहीद होकर मशहुर न हो पाया बेटी शहादत को गालियाँ दे मशहुर हो गई..शहादत ईस काम भी आ सकती है ईनके अलावा अबतक किसीने सोचा न था..ये आज कि राजनीति है देश को चुल्हे में डाल फिर अपनी अपनी रोटियाँ सेंकना.सेंक वो निकल लेंगे …वो अपने पिता के उस सम्मान का अपमान कर रही जिसे उन्होने अपनी जिन्दगी देकर कमाया..वो उनके पिता होंगे पर देश के लिए शहीद हैं.शहीद का अपमान देश का अपमान और देश हर हाल में शहीद के साथ खड़ा होगा..

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    1. हाँ आशीष उसने सहादत का मज़ाक उड़ाया हैं,सियासत के बीच में आकर!! प्रभु वीर शहीद की आत्मा को शांति दे!!

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      1. सियासत कौन कर रहा आप जानती है..ये विरोध की राजनीति में किसी हद तक जा सकते हैं..ये कितना खतरनाक है अपनो को अपनो के ही खिलाफ खड़ा कर देना और दुश्मन दुसरा कोई नहीं अपना ही हो

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  6. आज मुझे समझ आया ये सारा चक्कर था 🙊🙈.. सोच के भी डर लगता है हमारा युवा वर्ग कहाँ जा रहा है.. ख़ैर आपके लेख(पाकिस्तान प्रेमी वाली लाइन) से सनी पाजी का एक डायलाग याद आ गया-“हमारा हिंदुस्तान ज़िंदाबाद था.. ज़िन्दबाद है और ज़िंदाबाद रहेगा”

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    1. …और ग़दर का हीं एक और डायलॉग मेरे दिल के करीब हैं…पकिस्तान जिंदाबाद कहने में मुझे कोई परेशानी नहीं हैं लेकिन इसका ये कतई मतलब नहीं की मेरा हिंदुस्तान मुर्दाबाद हो गया!!

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  7. “Janani janmabhumischo swargadopi gariyasi” means Mother and motherland both are greater than heaven…thats what i have learned from my elders so i think we should ask about her motherland…
    Its an awesome post and will never be able to forget…
    We can try our level best to protest such non-sense activities….wish one day it will bring a huge change.

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    1. हाँ सुप्रीत! लेकिन उनको रहना भी यहीं हैं और दीमक की तरह देश को खोखला भी करना हैं!!

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  8. राजनीतिक जीवन के किसी भी देश में जटिल है, लेकिन आप एक बड़ी समस्या है। अपने पढ़ने के साथ मुझे एक विचार देता है और के रूप में चीजों को संभाला और संस्कृति से परे हैं कहीं और ले करने के लिए एक रास्ता है। ग्रेट artpiculo और सूचित करने के लिए अपने मिशन को पूरा करता है।

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    1. हाँ गुल…ये समझ नहीं पा रही इसके साथ हो क्या रहा और आगे चल कर इसका क्या इफ़ेक्ट पड़ेगा देश पर और उसपे भी…Mind heen polluted कर रखा इसने अपना और लोग इसका फायदा उठा रहे हैं!

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  9. Seems you have putted all my feelings in your words
    AB m kuch Ni kahunga SB kuch kh dia apne Sundar lekh Mei
    Vese b AISE creep topics p bolna bekar hi h
    AB deshbhakt AUR deshdrohi dono kaam dilli m hote h
    Unhe hi Mubarak ho

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    1. हम्ममम्म…सही कह रहे हो आप शुभांकर मन बहुत खिन्न होता हैं ये सब देख कर…राजनीती के चक्कर में देश को भी नीचा दिखाने में ये पीछे नहीं रहते!

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      1. Haan BT hm log kuch Ni kr skte !
        Kuki kichad m pathhar Marne SE kapde hmare BHI gande honge
        Apne bhut ache SE likha AUR Sahi jgh likha
        Agr yhi post FB p Hoti to bhut sare argument a jate kuki argument vhi log jyada krte h jinke paas least knowledge Hoti h

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      2. शुभांकर करना चाहें तो भी हमें निराशा हीं हाथ लगेगी…क्योंकि अंत में निष्कर्ष कुछ नहीं निकलने वाला ये कोई पहली दफा तो हो नहीं रहा की देश के नागरिक अपने देश के खिलाफ हैं!! बहुत कष्टकारी हैं ये सब देखना,सुनना और समझना हर उस व्यक्ति के लिए जिसमे थोड़ी सी भी भारतीयता बची हैं… मुझे नहीं लगता इनमे नाममात्र की भी भावना हैं देशभक्ति की।

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      3. ज्योती जी पहले में द्रवित हो उठता था और लग जाता था ट्वीट करने पता नहीं क्या क्या बोलता मगर एक समय के बाद बात समझ आयी सही समय और सही जगह , सही व्यक्ति से बात करना चाहिए वरन आपके सभी विचार व्यर्थ हैं लोग सुनना नहीं चाहते
        बस अब मैंने भी ध्यान देना और मुफ्त में ज्ञान देना दोनों कम कर दिए 🙏

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      4. सही कह रहे हो आप शुभांकर सही लोगों के सामने तर्क करने में हीं भलाई हैं… जी मैं भी दिमाग नहीं खपाती अब…क्योंकि होना कुछ नहीं हैं और ऊपर से दिमाग अपना ही ख़राब होने हैं बस लेकिन मन खिन्न होता हैं तो हाथ अपने आप चलने लगते हैं कीपैड पर!!

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      5. मतलब आप भी बिल्कुल मेरे जैसे विचार रखती हैं जब मेरा मन खिन्न होता है तो मैं अपनी मां को या फिर हास्टल रूममेट को पूरी कहानी सुनाता हूं और फिर अपने विचार सुनाता हूं वो बस हमम हां यही की पाते हैं 😂😂

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  10. भगवान करें आपकी पोस्ट को एक बार गुल खिलाने वाली लड़की पढ़ ले 👍 हो सकता है उसे सद्बुद्धि आ जाये 👌 बहुत बढ़िया लिखा है आपने 🙏सराहनीय ✅

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