A Women’s Is a Blessed Creation!

#womania #life #blog #respect #womensday #proud #blessed 


अच्छा..तो आज हमलोगों का दिन हैं। वाह! क्या बात है इस समाज ने हमारे लिए एक दिन निर्धारित किया है,काबिल-ए-तारीफ़ हैं ये तो और क्या चाहिए हमें बोलों भला!…साल के 364 दिन भले हमारे इज़्ज़त की ऐसी की तैसी करो।लेकिन 8मार्च को सम्मान तो देना हीं पड़ेगा आपको हमें और आप बखूबी दे रहें हैं…सुबह से ही सारा माहौल महिलामय हो गया है,अखबार,विभिन्न समाचार चैनल,सोशल मीडिया..और इससे परे आधुनिक समाज का नियमित हिस्सा बनता जा रहा ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स हर जगह महिला दिवस की शुभकामनाओं से अटी पड़ी हैं। यहाँ तक की शहरों के मॉल में भी इसे बखूबी मनाया जा रहा,हर चीज़ पर महिला दिवस का टैग लगा के छूट दी जा रही.. हर कोई इस मसले पर आगे आना चाहता है.. लेकिन साल में एक ही दिन ऐसा क्यूँ??

सुबह से हीं इस इज़्ज़त को हम झेल रहें हैं,अब आप सोचेंगे इज़्ज़त झेल रहें हैं ये क्या बात हुईं कोई ऐसे बोलता हैं भला,…तो आप हीं बताइये इसे झेलना न कहूँ तो क्या कहूँ मैं?? क्योंकि हर दिन तो ये हमें माँगे मिलती नहीं और आज के दिन तो इतना मिल रहा की उसमें डूबते जा रहे हैं कि अब स्वास लेने में भी परेशानी हो रही हैं…दम घुट रहा इस बनावटीपन को देख कर। अनेकों श्लोक,पंक्तियाँ, ग़ज़ल,शायरी हमारे लिए लिखें जा रहे हैं और कोशिश की जा रही हैं कि सब एक दूसरे से बेहतर लिखें तभी तो उनके लिखे पर अनेकों लाइक्स,कमेंट आयेंगे…भले उन्हें अपने लिखें श्लोक का मतलब समझ नहीं आ रहा लेकिन पोस्ट बड़े ध्यान से किया जा रहा हैं,काश! की जितनी मेहनत आज आप एक अदना सा पोस्ट पर कर रहे हैं उसकी जगह हमारे लिए अपने दिल में थोड़ा हीं सही लेकिन सच्चा सम्मान और प्यार रखते तो वो हमारे लिए और इस समाज के बेहतरी के लिए सार्थक सिद्ध होता। 

… वैसे औरतें इतनी कमजोर तो नहीं की उनके हौसला-अफजाई के लिए ये दिन रखा गया होगा.. मुझे जहाँ तक लगता हैं कि ये नारी जाति के ताकत के संदर्भ में हीं मनाया जाता होगा। अगर लॉजिकली सोचा जाए तो महिला दिवस एक त्यौहार हैं न की दिन विशेष जिसे एक दिन कुछ पोस्ट,लाइक्स,कमेंट तक हीं सिमित रखा जाए…ये तो वो त्यौहार हैं जिसके गुजर जानें के बाद उसके आने का इंतज़ार रहना चाहिए और बीत जानें का दुःख!! 
हम इस समाज का हिस्सा हैं और हम भी इस प्रकृति को सुचारू रूप से चलाने में सभी पुरुषों के साथ मिलकर भागीदारी करते हैं लेकिन,जब सम्मान की बात आती हैं तो सिर्फ दिन विशेष को निर्धारित कर के हमें इज़्ज़त बख्श दी जाती हैं। अगर हमें आप सच में सम्मान देना हीं चाहते हैं तो बस आप हमारे लिए अपने दिल के एक कोनें में हीं सही सच्चा प्यार रखें बिना किसी इफ,बट लगाये हुए! आप सब का कहना होता हैं कि स्त्रियों को आगे बढ़ाना चाहिए और उनका साथ देना चाहिए लेकिन इसी साथ और बढ़ावा के लिए जब हमें आरक्षण दिया जाता हैं तो आप में से हीं कई लोग हमारी सफलता पर नाक-भौ सिकोड़ कर कहते हैं कि..लड़की होने का फायदा उठाया इसने तभी नौकरी मिली और अपने कॉलर को चढ़ा कर तंज कसते हुए आप एक पल में हमारी मेहनत को झुठलाते हुए बस इतना कह देतें हैं…सब आरक्षण का खेल हैं भाई! सोचिये,उस वक़्त हमारे दिल पर क्या गुजरती होगी जब आप ऐसी बेतूकी बातें करते होंगें… खैर,इसका हम पर कोई असर नहीं पड़ता ज्यादा। क्योंकि सुख की छाँव में,दुःख की धूप में,डूबे- उतरे मन में…इस जीवन में हम कभी मायूस नहीं होते। हमारी चेहरे की मुस्कान और आतंरिक सौम्यता हीं हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं जो हमें हर पल ऊर्जावान रखती हैं!! 

 सज-सँवर कर बस आपकी घर रूपी फोटो फ्रेम की शोभा बढ़ाने के लिए तो नहीं हैं हम,बल्कि इसमे कैद होने के उपरान्त हीं हम…और छटपटाहट के साथ एक झटके में बाहर निकल आते हैं और आप सब मूक-बधिर हो कर इस घर रूपी फ्रेम को देखते रह जातें हैं!! ये हमारी ताकत हीं तो हैं जिससे आपका परिचय हमें अब भी करवाना पड़ रहा की हम आपके जैसे हीं हैं…कमजोर तो बिल्कुल नहीं जहाँ तक देखा जाए तो आपसे ज्यादा हीं साहसी,सहनशील,सदभाव की भावना हैं हमारे अंदर!!

रहने दो ज़िन्दगी में गुरूर की ख्वाहिश..

मत देखों यूँ की बन जाए हमारी नुमाइश

हम नहीं हैं विरासत नुमायिशो के..

हम तो हैं ताकत आजमायिशो की!!

विचारशून्यता के इस बियाबान में एक स्त्री हीं है जो विचारो और विचारधाराओं की सहारा बनी हुई है,और संवेदनशील विचारों के हर पहलू से एक स्त्री हीं जोड़ और सँजो कर रखती हैं हमारे समाज के हर तपके को!! जो भी हो आप मना लीजिये भले हर साल “8 मार्च को वीमेनस् डे” लेकिन फिर भी आपकी सोच कुंठित,संकीर्ण हीं रहेगी औरतों के लिए ये आप ध्यान में रखियेगा क्योंकि आज जबकि कुछ घंटे बचे हैं इस दिन का तो कर लीजिए इज़्ज़त हमारी कल से तो फिर हमें वही सब झेलना हीं हैं…और हम तैयार भी हैं उसके लिए!!

#Thanks For Celebrating Womens day and getting me sudden attentions and Extra Care…But No Thanks bcz I Celebrate Myself Everyday!

“Happy Women’s Day Lovely Ladies”

मैं मेरे साथ कोई पल गुजार लूँ…मुझमें तो मेरे हीं वजूद का एक मकान रहने दो!!


2k17©Emotional Queen All Rights Reserved

                        

                      2k17©आपकी…Jयोति🙏

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64 thoughts on “A Women’s Is a Blessed Creation!

  1. महिलाओं की यथार्थ पृष्ठभूमि को बहुत ही सौम्यता से शब्दित किया ।
    साथ ही उस कसक को भी जिंदा किया जो महिला दिवस के सम्मान के उपरांत भी महिलाओं के दिल मे सुलगती रहती है ।
    Great urge from society

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  2. main ye maanta hu ki sirf doosron ko doshi thehrane me zyada waqt nahi lagta .. se samaj nahi badlegi na ki mahila ..
    hum aapne aap me kya sudhaar laate hain har din , ye maayne rakhta hain .
    chahe woh sthri ho ya purush .

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  3. बस यही बात लोग समझते नहीं.. भीख थोड़े ही मांग रहे हैं जो एक कटोरे भर के दे दिया.. दुःख उन लड़कियों/महिलाओं के लिए भी होता है जो इस दिन को अपनी शान मानती है।

    आप सच में कमाल लिखते हो.. लिखते रहिये 😊💐💐

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  4. मैं मेरे साथ कोई पल गुजार लूँ…मुझमें तो मेरे हीं वजूद का एक मकान रहने दो!! 👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌💐💐💐💐👍👍👌👌👌👌👌👌

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  5. Haahaa…ek post toh maine bhi kiya hai😕😕
    But whatever i write this comes from the heart.Lamba gyaan nahi dunga but we are surrounded with lot of positive energies that enables us to succeed in life and most of the time it only comes to us from these women in our life having different faces be it mothers,sisters,friends and if we love & respect them back it only lessen a rascal from this world.

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    1. 🙄🙄🙄 Sorry Bhaiya kal bahut din baad online aayi to bas maine post kiya kisi ka dekha heen nahi…aapke post to hamesha super hote hain…post to chota heen behtar hota hai lekin mere sath hota ye hai ki control nahi rahta bhavnao par aur duja dusre language ne itna pakaya hai mujhe ki ab jab hindi likhne ka mauka mila hai to bhar bhar ke likhti hun…😆😆😆😆 Waise bhaiya ye mast tha lamba gyaan nahi dunga…Love You Lot Bhaiya.😘😘

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      1. Thanks a lot Jyoti!
        No matter the length of writeup you always stand up after every post and itni bhasha ka gyaan hai tujhe feel proud of it..yaha toh angrezi mein bhi fracture hai😂😂
        Love and lights back to you😊

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  6. I am agree with you Jyoti on many fronts, but commemorating any event on a specific day doesn’t mean that on other day we should not respect the purpose of its celebration. To qoute you, we celebrate Diwali once a year, but it’s spirit is not confined to that day only. Isn’t it?

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  7. I toh think there should be a single day dedicated to women as they deserve all the respect in the world.. So every day should be celebrated as women’s day.. But women’s day will be successful only when they will feel safe in the society.. Warna all that dedicating a day is useless…

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      1. meghul brother…since last year i have been seeing coming cases whether that is related to quality education,woman empowerment or a civilized society..everything will be corrupted not just with only one or two persons or gov but to whole departments…we will have to chase to make my own india better. political leader are d first corrupted man..i can’t say all but yeah i dare say u except some workers in every department,all r corrupted..
        second coming to empowerment specially women….definetely now a days what all have we seen is very bad with indian women..they can’t live their life with full of freedom and dedication..
        we should think of it not just when a big murder,rape or violance take place but to 24/7 with full protest…and women,u everyone have received that rights of freedom ../ everywhere in india so why can’t u all try to make urself better…running time is a time of not sitting idle,or fearing to anyone in d society…this is a time gender equality…and we can change it too but first we all indian have to make one otherwise will be happening what till now…
        i think our society is divided into lots of parts …this is very big reason why can people able to crime …let’s see how?
        there is definetely,lot of campaign running working for woman empowerment,and for crime but question here is that can all these campaign, who work on same subject,same justice but they are divided in itself ,mixed with just a big one campaign??
        i think definetely know…nd that is reason why can we be audiance when such a serious and big crime is happening in front of us….
        YET, I DARE TO DREAM MY CLEAN INDIA,BETTER INDIA , CRIME FREE INDIA…..

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