…के चले आओ न!❤

#love #blog #feeling #soul #life

…..माना कि बहुत ज़िम्मेदारी हैं तेरे उन कंधों पर और बहुत उलझनें हैं तेरे मन में फिर भी क्या मैं नहीं हूँ तेरे जहन में?? कभी जो उन दुनियादारी के उलझनों को सुलझाते हुए अंतिम छोर पर पहुँचो, ठीक उसी पल मेरी आँखों की उन ख़ामोशी को पढ़ने की कोशिश करना जो तुम्हें कहना कुछ भी नहीं चाहती लेकिन,फिर भी लाखों बातें कह जाती हैं बेवजह यूँ हीं!!

इंतज़ार करुँगी मैं ज़िन्दगी के सफर में आने वाले हर मोड़ पर तुम्हारा!!..कि चले आना तुम हर सफ़र के बाद लौट के मेरे पास। जब थक जाओगे कभी सब कुछ सहेजते हुए करीने से दुनियादारी की अरमारी पर तब चले आना फिर से मेरे पास मेरे गोद में अपना सर रख के सुकून की नींद लेनें। आ जाना उस वक़्त मेरे पास जब तेरी बातें तेरे संगी-साथी न समझ पाये और तुम्हारा उन संगी-साथी से मन उठ जाए। चले आना कि जब रोना हो तुमको जार-जार अपना सिर छुपा के मेरे सीनें से लग के और कहनी हो हज़ार बातें दिल की बिना हिचक के। चले आना कि मैं मिलूँगी तुम्हें सदा यूँहीं इसी रूप में बिना किसी बदलाव के…❤

एक बात जान लो तुम जीने और खूब जीने की अलग-अलग मान्यताओं के बीच तुम्हारी कही बात सबसे ज़्यादा ख़ूबसूरत लगती है मुझे चाहे वो बातें हमारी जुदाई की हीं क्यूँ न हो। अरे! नहीं काहे की जुदाई ये तो बस बातें हीं हैं, हम तो साथ है और रहेंगे हमेशा यही तो अपना ज़िन्दगी से वादा हैं न !! गर दुनिया से जायेंगे भी तो दोनों साथ-साथ हीं जाएंगे,कोई एक अकेला ना छूट जाए यहाँ। क्या करेंगे एक दूसरे के बिना हम यहाँ…प्यार तो हम उन यादों में भी ढूँढ लेंगें और जी लेंगे लेकिन फिर वो बिना ग़ुस्से वाला झगड़ा जो प्यार के जितना ही ज़रूरी है हमारे बीच,वो किससे करेंगे। बातें जो रोज़ कि रोज़ बतानी होती हैं, उनका क्या होगा फिर…खैर! सुनों तुम मैं अब भी वहीँ पर उसी बात पर आती हूँ फिर से ध्यान से सुनना…गर जो जीवन में छा जाए चारो तरफ़ घुप अंधेरे की बदलियाँ और बरसने लगे परेशानियां और हल न मिले तो आ जाना मुझसे मिलने मैं मिटा दूँगी तेरी हर तलब को। चले आना मैं तब भी तुम्हें ऐसे हीं प्यार करुँगी,थाम लूँगी कलाई तुम्हारी और कुछ भी न पूछेगी मेरी नज़रें तुमसे,पढ़ लूँगी आँखे तुम्हारी हमेशा की तरह,जैसे कोई क़िस्से सुनता है बच्चा बुज़ुर्गों की तरह। चले आना के इंतज़ार में हूँ मैं की कब उन सपनो को आगाज करूँ जो हमने मिल के देखें थे कभी,उन किए वादों को एक अंजाम दूँ!!

…के चले आओ न अब तेरे बिना भीड़ में भी ख़ामोशी और तन्हाई हीं लगती हैं मुझे, रात के सन्नाटों में तेरी आवाज़ गूँजती है। पागलों वाली मनःस्थति हो गयी है अपनी।
चले आना के अब मेरी आवाज़ में और ताक़त नही है, दिल पुकारता है तुमको और इन आँखों में कोई चाहत बाकी नहीं रही बस तुझे जी भर के निहार लूँ आँखों में यही आखिरी रमणीय दृश्य की चाह बची हैं अब। चले आना के अब लिखने को न ग़म हैं न ख़ुशी,रहती कहीं हूँ पर गुम हूँ मैं आज भी वहीं तेरे इंतज़ार में। चले आना के अब काली रात का सवेरा होना है, घनी धूप की छांव तुम्हारी घनी पलकों का होना है। चले भी आओ कि अबकी इस बारी तेरी जान की तुझे कचोट देने वाली ख़ामोशियों की गुहार है,और इन बाहों के घेरे को बस तेरा इंतज़ार हैं!!

चले आना जब लगे कि नहीं है जीवन में अब कोई ख़ुशी, जब दिल रोने का करे और एहसासों की हो कमी। मैंने हमेशा कहा है तुम्हें और अब भी कहती हूँ तुम्हें हर मोड़ पे तेरे इंतज़ार में बैठी मिलूँगी वहीँ कहीं। बस नाम ले लेना मन हीं मन मेरा!! मैं 74बार धड़कने वाले उस धड़कन में भी तेरी आवाज़ से जो धड़कन बढ़ी होगी उसको पहचान के भाग के आ जाऊंगी तेरे करीब सदा सदा के लिए!!!❤

जुदा हो जाना हर बार बेवफ़ा होना नहीं होता..कभी-कभी ये ही ‘इश्क़’ होता है!! 


                       2k17©आपकी…Jयोति🙏


❣Emotional Queen All Rights Reserved 2k17©

Pic Source-Internet

Advertisements

97 thoughts on “…के चले आओ न!❤

  1. bahut hi acha likha hai apne isi pe arz hai

    kuch kehna chahte ho to keh do
    tumhe sunne ko taras gaye ham
    aisi bhi kaam ki kya bedaari ke khud ko
    khud hi se bhula baitho ho
    jo lautna ho ghar ki taraf fir kabhi
    yaad rakhna koi hai jo nigahe bicha rakha hai
    jo sham dhalti hai aodh ke chadar raat ka
    tab teri yaado ke ful or bhi khilte hai
    chaand jab apne sabb par hota hai
    or teri yaade apni uruz par
    to yakin maano in naino se moti jharte hai
    dukh pida kuch sujh-bujh naahi
    bas ek dua tu ghar aa ja mahi

    Liked by 1 person

      1. Your heart is very beautiful, you are kindness then i love it

        I hope you can healthy and always good
        I pray your healthy
        I proud of you mrs.

        Like

      1. एक्चुअली बाबा थोड़ी ज्यादा वाली नाराजगी हो गयी थी खुद से ही… 😆 तुझे छोड़ के कहाँ जाने वाली मैं आ गयी न फिर से परेशान करने 😊😉

        Liked by 1 person

  2. छंद दिल से आते हैं, कविता जिंदा आता है और जो व्यक्ति यह लिखते हैं की दया एकत्र करता है। बहुत बढ़िया अपने कविता। तीव्रता का एक बहुत

    Liked by 1 person

  3. आह.. ये कविता है.. हाँ ये कविता ही.. इतनी खूबसूरती बस एक कविता के ही ह्रदय में हो सकती है.. कह दो के तुम एक कविता हो.. loved it 😊

    Liked by 4 people

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s