…माँ!

#thankful #love #confess #life #mother #blog

यूँ तो आज भी मैं आपको लिखने बिल्कुल नही बैठी हूँ,..मैं कुछ लिख रही हूँ तो खुद के लिए हीं लिख रही हूँ! मैं आपकी तरह निःस्वार्थ तो बिल्कुल नहीं हूँ न माँ की कुछ भी करूँ बिना वजह के…बहुत मतलबी हूँ मैं माँ!! ज़िन्दगी जिससे मिली है उसके लिए हीं इस ज़िन्दगी के कुछ पल नही है बेफिजूल के खर्च करने को मेरे पास। इतनी मतलबी हो गयी हूँ मैं ये तो शायद आपको पता भी नहीं होगा..

यूँ तो कहने को हम कह देते हैं कि किसी एक दिन को क्यों  माँ के लिए हम निर्धारित करें,…अपनी माँ के लिए ऐसा दिखावे में विश्वास नहीं मेरा लेकिन सच्चाई तो ये है कि ये एक दिन भी हम आपके लिए अपना नहीं दे सकते यूँ हीं क्योंकि इसका कोई मतलब नहीं बनता है न हमारे लिए….आपके लिए हीं तो हर दिन है हमारा ऐसा बोल के हम बस एक तरह से पीछा छुड़ा रहे होते हैं,ये आज की कड़वी सच्चाई है हमारे मतलबी मन की…जबकि शायद हमें भी ये नहीं पता कि इस एक दिन को भी अगर हम आपके लिए खास बना दें तो इस एक दिन को याद कर के हर दिन आप भावविहोर हो जायेंगी और आपका गला भर आयेगा और आपके मुँह से हमेशा की तरह हमारे लिए दुआएँ अनायास हीं निकल पड़ेगी!!

माँ आपने बिना माँगे हमें हर कुछ दिया है…जिसकी जरूरत नहीं भी हुई वो भी ये कह के पकड़ा दिया हरदम की रख लो जरूरत पड़ेगी इसकी और पता है माँ पड़ती हीं थी उस चीज़ की जरूरत हमें और उस वक़्त आपकी दूरदर्शिता को देख-समझ कर हमें आप पर गर्व होता था लेकिन वो बस उसी एक पल के लिए हीं फिर मैं पुनः आपकी मतलबी संतान हीं बन के अपनी हीं आभासी दुनिया में गुम हो जाती थी!!

माँ आज मैं बहुत परेशान हूँ इस मतलबी और दिखावे की दुनिया मे उलझ के और यूँ समझदारी के चोले ओढ़ के। मैं फिर से वो बचपन जीना चाह रही जहाँ आप मेरी गलतियों के लिए बेतरतीब कूट दिया करती थी गर जो मैं बार-बार समझाने से भी नहीं समझती बातें तो…माँ आपसे आज मैं फिर से कूटना चाहती हुँ अपनी हर वो बतमीजी के लिए जो अक्सर मैं करती हूँ आपके साथ…हर बार जब आप हमें हरी सब्जी खिलाने वक़्त ये बोलती है कि खा लो ये सेहत के अच्छा है तो मुझे पता होते हुए भी की सच मे ये हमारे लिए अच्छा है फिर भी बेफिजूल का चिल्लाना की नही खाना मुझे हर दिन आप यही सब खिलाती हो खाना बनाने के डर से…जबकि माँ वो भी खाना बनाने में आपने हीं मेहनत करी होती है फिर भी आप मुस्कुराते हुए हर बार यही बोल देती हो क्या खाना है बताओ तो सही बना देते है! आपको तो याद भी नहीं होगा कब-कब मैंने आपसे कितनी बतमीजी की है…हर बार कहीं और का गुस्सा,झल्लाहट,सनक सब आप पर हीं निकाला है मैंने और हर बार आपने बिना कुछ कहे सहा भी है और हमें समझा भी है बस हम हीं नहीं समझ पाये कभी आपको माँ…लिखने को कहने को हज़ार बातें है जहन में लेकिन अब मन झल्ला रहा खुद की सभी गलतियों को याद कर के जिसे आपने कभी गलती नहीं समझा हमारी हर बार हमारी नादानी समझ के खुद हीं हमारे पास आ के हमें हीं मनाया आपने जबकि गलती भी हमारी हीं थी फिर भी…माँ आपने यूँ तो कभी भी अपने दिल मे हमारे लिए कोई कड़वाहट नहीं रखी लेकिन माँ मेरे दिल को तसल्ली नही हो रही इस बात की…माँ आज आपका दिन है कहें तो आज भी मुझे आपसे हीं कुछ चाहिए मेरे पास देने के लिए आपके लिए कुछ नहीं है लेकिन आपके पास है…ढेर सारा प्यार हमारे लिए जो हमें बचपन से आजतक बिना माँगे मिल रहा लेकिन आज मैं आपसे कुछ माँग के लेना चाहती हुँ माँ…अपनी सभी बतमीजी के लिए माफ़ी मांगने आयीं हूँ इस नेक इरादे के साथ कि अब नहीं दोहराउंगी ऐसी गलतियाँ हालाँकि मैं भी जानती हूँ ये होगा नहीं की इतनी जल्दी मैं खुद में बदलाव ला पाऊँगी लेकिन कोशिश जरूर रहेगीं खुद को संयम में रखने की आप माफ कर देना माँ हमेशा की तरह इस बार भी….

वैसे तो आपने कभी ना नहीं किया; जो भी माँगा, सब दिया और एक मैं हूँ जिसने सिर्फ माँगा है, हर बार, बार बार। कल भी माँगा था, आज भी माँगा है। फ़र्क़ बस इतना है कि पहले मांगने पर कभी इतनी ग्लानि महसूस नहीं हुआ हमें… कभी होंठ यूँ काँपते हुए सूखे नहीं…

I am sorry माँ!!❤

अनंत गुण,अनंत वात्सल्य,अतुलित संयम की देवी– माँ❤

   To the world you are a mother but for me you are my world …Love You! May your day be as special as you are….#HappyMothersDayMaa❤

... माँ ,हर बार बिना माँगे माफ़ी ही तो देती हैं!!
                          2k17©आपकी..Jयोति🙏

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60 thoughts on “…माँ!

  1. सुनो सुनो सुनो….
    अरे ज्योति जी का लेख आया हैं….💐
    कितने दिनों के बाद, वर्डप्रेस पे आज इमोशन्स छलका….👌👍
    कहा चली जाती हैं आप…I miss you so much ☺?

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  2. Its always great to see lovely words from my lovely sister’s pen…teri baaton ka saar likh raha hu👉👇

    सब कह रहें हैं,
    आज माँ का दिन है।
    वो कौन सा दिन है,
    जो मां के बिन है..!!

    Liked by 2 people

  3. Jyoti
    To be honest if…,
    You are Emotional Queen
    I am no less than Emperor of Emotions….
    जिस के पास इमोशन ना हो…..
    ओ क्या जाने दुनिया क्या हे

    शिवानंद

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  4. Kl se har jagah bas mother’s day ….ar bahut se post padhe…..but this is one of. The most realistic post 👏🏻👏🏻
    The way u wrote up , and how honestly u r expressing everything is way to amazing 🙏🏻👌🏻
    Emotional queen is not just an emotional queen , she is alo expression queen ……she know how to express feelings , turth ……everything 👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻

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      1. Arey arey it was my bad …….everyday on post with fantastic emotions (jyoti style me )😎
        Classes 🤔🤔🤔 it will b give and take pahle aap express krna sikhao feelings ko 😉😉

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  5. thik hain aap..sach likha h aapne.time dena chahiye lkn ap matlabi nhi h.unke pas hum logo se badhkar kuch nhi h.hamari khusi k liye kya nhi karte.hamare achche ke liye jab hami ko marte h.dard bhi unhi ko hota hai.bade hone ke bad maa ne kabhi tabiyat aur khane k siwa kuch pucha hi nhi.kahi jane pr ye batane pr bhi ki mai kha lunga.paresan nhi hoyiyega.bar bar pucha karti h khaye ki nhi.jara sa phone na lage to pareshan ho jati hain.vo jabtak apne hatho se khila na le.aankho ke samne dekh na le.unhe sukun nhi milega.lakh kahe vo thik h lekin vo paresan rehti h..jitna kuch kiya h vo to kabhi nhi kr payega koi..aur duniya me sab maa bachcho k liye ek jaisi hi hoti hain

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      1. मुझे भी आपको देख के अच्छा लग रहा शुभांकर…अरे! काहे का राइटर जी….आप सब से ही सीख के कुछ लिख लेरे बस!! खयाल रखना अपना डिअर😊😊

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      2. ये तो आपका बड़प्पन है जो हम जैसे नए ब्लॉगर्स को आप इतना सम्मान दे रही हो वरना सबको पता है कौन सीखा है 😁😁
        आप भी ऐसे ही लिखते रहिये ताकि हमें अच्छा अच्छा पढ़ने को मिले

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      3. हाँ शुभांकर उड़ा लो खिल्ली हमारी…आप भी लिखते रहो आ गयी हूँ वापस मैं परेशान करने आप सबको😆😆😆

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      4. आपकी खिल्ली उड़ाने की गुस्ताख़ी
        हम जैसे नौसिखिये कभी कर भी नहीं सकते
        स्वागत है आपका फिर से
        हमे अब कुछ अच्छी पोस्ट्स पढ़ने का सौभग्य प्राप्त होगा

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