❤बेपरवाह मोहब्बत!

#love #life #soul #relationship #blog #beleive #togetherness

कौन कहता हैं की बचपन कभी लौट के नही आता…मेरी मानों तो बचपन भी लौटता है और हमारा बचपना भी!! बस कभी आप सच्चा प्यार कर के देखो किसी से….हाँ ये वो एहसास है जिसकों किसी पन्ने पर उकेरना आसान नहीं है न मेरे लिए न किसी और के लिए,कुछ चीज़ें इस जहां में बस महसूस करने के लिए हीं जन्म लेतीं हैं…जैसे कि ये प्यार…हमारा और उनका प्यार❤… हाँ और आपका और आपके जानेमन का प्यार भी 😉 

बेइंतेहा इश्क़ कभी कर के देखिए फिर आपके सोचने समझने के मायने हीं बदल जाएंगे…अंजामों के डर से कभी भी अपने कदम पीछे न करें! प्यार करें और बेहिसाब करें और फिर समझे इस चीज़ को की पतंगे क्यों लौ के ईदगिर्द हीं फड़फड़ाते है जबकि उसका क्या हश्र होगा इसका ज्ञान उन्हें भलीभांति होता है फिर भी…जिन्होंने इश्क़ नहीं किया है वो इसे पागलपन का नाम देंगे और जिन्होंने इश्क़ किया है वो तो इसे हीं ज़िन्दगी कहेंगे!

 कुछ लोग इस डर से इश्क़ नहीं करते कि उन्हें लगता है की उन्हें मंजिल नहीं मिलेगी और फिर वो अलग रह कर ज़िन्दगी को जी नहीं सकेंगे…बाद का क्या सोचना की हम जी पाएंगे कि नहीं अभी तो जी लीजिये सही मायनों में ज़िन्दगी को बेझिझक,बेहिचक,बेपरवाह अंदाज़ में या यूँ बोलूँ कुछ-कुछ इश्क़ वाले अंदाज़ में!! 

ज़िंदगी में एक बार ज़रूर ‘इश्क़’ कीजिए। ज़रूरी नहीं कि आपका ‘इश्क़’ मुक्कमल हो, आपको मंज़िल मिल ही जाए, मगर एक बार के लिए ख़ुद को डुबो कर देखिए इस सागर में। शायद ‘इश्क़’ न हो मुकम्मल मगर हाँ आप इंसानी तौर पर ज़रूर मुक्कमल हो जाएँगे और एक बेहतरीन इंसानियत की मिसाल कायम करेंगे। हो सकता है कि आप अपने महबूब के साथ ताउम्र नहीं रह पायें। शायद आप उनको देखने को भी तरसें मगर जो वो एक मुलाक़ात होगी न ‘इश्क़’ वाली, ख़्वाब वाली,एक पल या दो दिन वाली, वो बची हुई तमाम उम्र को महका जाएगी। और आपको एक ऐसी रहस्यमयी मुस्कान ज़िन्दगी भर के लिए दे के जाएगी कि लोग समझना चाह के भी उस बेपरवाह मिज़ाज़ को समझ नहीं पायेंगे…जानते हैं, संपूर्णता कुछ और नहीं है सिवाय,..उस पल के जिसमें आप और आपके महबूब का वो साथ,वो लम्हा हो,जिसमें आप दोनों ख़ामोश रहते हैं और उस वक़्त आपकी बेहिसाब उखड़ती साँसें तमाम उम्र के अफ़साने एक-दूसरे के आत्मा पर उकेरे जाती है। उन ख़ामोश लम्हों में बुने गये, वो मुलायम शब्द, इश्क़ के गुज़र जाने के बाद भी तमाम उम्र आपके साथ रहेंगे…चाहे इसके बाद आप साथ रहें न रहें जिस्मानी तौर पे परन्तु आत्मिक तौर पर आप सदा जुड़ें रहेंगे। इसलिए’इश्क़’ कीजिए और टूट कर कीजिए। एक महबूब चुनिए और मिल कर बुनिए कुछ रेशम से ख़्वाब!❤

लड़ते-झगड़ते,महकते फिर चहकते देखा है,

मैंने इश्क़ में लोगों को अक्सर बहकते देखा है!!❤


© Emotional Queen All Rights Reserved 2k17

       

                      2k17©आपकी….Jयोति🙏 

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79 thoughts on “❤बेपरवाह मोहब्बत!

  1. Very well said. Most of us people who are conditioned to social norms, cannot fall in love madly. A love where nothing matters. A love when world ceases to exist. Only person who matters is the person being loved. To some extent i can remember is Veer Zara where hero and heroine fell for each other. Nothing really mattered. There are many other instances from the past.

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  2. बहुत खूब ! जो इश्क़ है गुनाह तो गुनाह करके देखिए, मुहब्बतों में ज़िंदगी तबाह करके देखिए ।

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  3. I’ll tell you something.. mere kisi dost ko bhi nahi bataya nahi ghar walon ko. But since you are a stranger, i don’t really mind.
    Jab me chota tha, i was averse to the notion of love. Gradually as time passed, i began having mixed feelings about it. But never dared to love- not even my near and dear ones. It was not in my nature to love, made me feel weak (Sagittarius things). Hamesha socha ki pehle college me pahuch jau fir dekhege, 12th pass kar lu fir dekhege, IPCC clear ho jau fir dekhege. And jab finally IPCC hua tab tak Mene bahut doston ko dekha- pyar me dhokha khaye hue. Sab kangal aur depression. Samaj gaya tha me – barbadi ka haseen naam tha pyaar. Aur khush hu me ki us jhamele me nahi pada me kabhi. Aur iss bar irada pakka he se me keh raha tha ki ab koi expectations nahi rakhi Mene ki Final pass hoge fir dekhege.
    Sorry, this is totally opposite from what you’ve posted but then this is what it is.
    However, doesn’t change the fact that your article is pretty ✌.
    And haan ek aur baat.. don’t be so formal with me “aapka” 😂 i know writers tend to use it but still.

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    1. Aisa aapka experience hoga…sabki apni apni soch hai…mere soch me pyar soch samajh ke karne ki cheez to bilkul nhi hai…kyunki ye koi deal to bilkul nhi hai…N one more important thing aap bolna bas formal hona bilkul nhi hota…

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      1. स्वागत—–वैसे सबको दुनिया में ये पल नहीं मिलता—-क्यूंकि ये ईश्वर की अनमोल देंन है जो हर किसी को नहीं मिलता।

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  4. बेहद प्यारी , खूबसुरत अभिव्यक्ति ज्योती —
    मिल कर बुनिए कुछ रेशम से ख़्वाब!❤

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  5. क्या खूब लिखा है ,
    काफी गुर सीख रहा हूँ आपसे !
    इश्क़ बड़ा खूबसूरत नशा है
    आपने सही कहा एक बार तो इश्क़ करके देखो मैं तो कहता हूं एक बार क्यों हजार बार करो !
    किसी एक इंसान से क्यों ?
    इश्क़ २-४ से करो 😁 गलत मत समझना
    मेरा मतलब माँ बेटे के बीच , भाई भाई के बीच
    बाप बेटी के बीच , दो दोस्तों के बीच , अपने काम से , अपने ईमान से ,
    अपने अंदर वाले अच्छे इंसान से इश्क़ करो
    फिर देखो मजा आएगा
    बहुत सुंदर लिखती हो आप 🙏🙏

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    1. अरे! नहीं नहीं आपको कौन गलत समझेगा वो भी जब मैं आपको इतनी बेहतरीन तरीके से जानती हूँ फिर भी…मैं भी सीख हीं रही हूँ शुभांकर आपके साथ आकर…वैसे आभार दोस्त…आपके बातों के समर्थन में हूँ मैं!! 😊😊

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      1. Dhanyavaad
        Apka yhi badappan hm jese Baki bloggers ko motivate krta Hai
        Mgr AP ek baat nahi jaan pai
        Apne 2sec m mere 10-12 posts like kr diye 😂😂😂
        Aur shayad bhut km logo PTA hoga aisi baten mere Dil m jakham kr jati Hai

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      2. ऊपर से मैं गायब भी तो पढ़ना तो पड़ेगा न सब तो लाइक तो करूँगी हीं न…😏😏😏😏

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      3. भक्क्क! सॉरी नहीं बोला करते शुभु ऐसे…मैं भी वीयर्ड हूँ but मैं बेवकूफ नहीं कि बिना पढ़े लाइक करूँ!! 😊😊😊

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