🙏सावन…सोमवार..सत्य!

वह अनुशासन से पूर्ण मुक्ति,वह द्वन्द्व परे, परिशुद्ध युक्ति 

वह मन तरंग, एकाग्र शक्ति, वह प्रथम चरण,संपन्न भक्ति

                        ॐ नमः शिवाय.🙏 

आज से हिन्दी महीनों के हिसाब से हिन्दू समाज का सबसे पवित्र महीना शुरू हो गया हैं…इस पूरे महीनों में आने वाले सोमवार को शिव मंदिरों में बहुत भीड़ आपको देखने को मिलेगी सभी भक्तजनों की श्रद्धा चरम पर होती है बाबा की नगरी देवघर(झारखंड) में…कहा जाता है कि सावन मास में आने वाले सोमवार के दिन व्रत रखने से शिव की बहुत कृपा होती है श्रद्धालुओं पर….खैर ये सब तो कोई बताने की बात नहीं है,ये सब तो आपलोग मुझसे कहीं बेहतर तरीके से खुद जानते है।

मैं बस इतना कहना चाहती हूँ अपनी सभी सखियों से जिनकी अभी तक शादी नहीं हुई है वो इस माह में आने वाले सभी सोमवार को व्रत जरूर रखें,क्योंकि मैंने सुना है की इन महीनों में शिव की पूजा सच्चे दिल से करने पर अच्छे पति की प्राप्ति होती हैं… और आज सावन का पहला सोमवार है, और बड़े बुजुर्गों की माने तो अच्छे पति की कामना के लिए शिव पूजा बहुत जरुरी होती है इसलिए पूजा के साथ-साथ व्रत भी रख लीजिये तो ये सर्वोत्तम होगा….क्योंकि इस संसार में जो एक समाज है हमारा वहाँ का लड़कियों के जीवन से सिर्फ उनके अच्छे पति मिलने तक का हीं औचित्य है…अच्छे पति दिलाना इनके जीवन का मुख्य उद्देश्य और हाँ एक बात…

अच्छी पत्नी तो हमारे घर वाले ही हमें बनाकर भेजते है, उसके लिए  आप लड़कों को कोई  खास यत्न करने की जरुरत नहीं हैं…सारी मेहनत तो हमारे हिस्से हीं आनी है!! 

सब्र का बांध है मुझसे,इसीलिए मैं स्त्री हूँ..

वर्ना उफान की लहर,मर्दो से कम नही मुझमें!!



  ©Emotional Queen All Rights Reserved

                     2k17©आपकी….Jयोति🙏


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35 thoughts on “🙏सावन…सोमवार..सत्य!

  1. Your blog is beautiful, I love the pictures, very expressive…it makes me want to understand your language…there’s an elegance in it, beyond words. Thank you for following my blog, I am honored!
    Best regards,
    Claudia

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  2. बहुत खूब लिखा है अपने—–
    सब्र का बांध है मुझसे इसीलिए मैं स्त्री हूँ,
    वरना उफान की लहर मर्दों से कम नही मुझमे,
    सब्र का बांध है मुझसे इसीलिए मैं स्त्री हूँ,
    माँ बन बेटों में,बहन बन
    भाईयों में तू ही उफान भरी,
    जब भी डगमगाए गर पति का पैर कभी,
    तू ही जीवन संगिनी बन उनमें उफान भरी,
    सब्र का बांध है तुझमें इसीलिए तू स्त्री हूँ,
    मर्द उफनते हैं नारी शांत होती है,
    शंकर को थकते ही काली बन उफान भरी,
    सब्र का बांध है तुझमें इसीलिए तूँ स्त्री हूँ,
    तुममें उफान की लहर मर्दो से कम नही।

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  3. ईन सबका फायदा खुद को होता है कि आप बहोत अच्छे हो जाते हैं.निश्छल मन से अगर करें.कोई भी करे.सच्ची आस्था आत्मा से आत्मा को जोड़ती है.मन से मन को..लड़कियाँ करती हैं अच्छी हो जाती हैं और लड़को को जरूरत ही नही पड़ती क्योकि ऊनके लिए कोई कही मेहनत कर रही होती हैं.. लेकिन रखना चाहिए लड़को को भी वो भी अच्छे बने क्योकि कहीं कोई आपके लिए ईतना मेहनत कर रहा है कि आप जब भी उन्हे मिले..अच्छा मिले

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    1. क्या बात आशीष…आप पर आपकी सबसे अच्छी दोस्त का असर दिख रहा है, आप समझदार हो गए है…😜😜😜 वैसे ये तो मज़ाक था… लेकिन सीरियसली एक बात कहूँगी आपकी सोच बहुत अच्छी है…👌👌👌 और मैं लकी हूँ कि आप हमारे दोस्त है☺☺☺

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  4. सब्र का बांध है मुझसे,इसीलिए मैं स्त्री हूँ..

    वर्ना उफान की लहर,मर्दो से कम नही मुझमें!!

    Keep it up this spirit !
    Kaun kahta Hai koi Kisi SE Kam Hai
    Khud mahakali ka krodh dekhkr khud mahadev kamp gye the !

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  5. Jai mahakal !
    Mahadev bhakta ki traf se Devi g ko sadar pranam !

    क्या रखा है शादी ब्याह में , हिमालय पर समाधि लगाओ और भोले की भक्ति में रम जाओ !
    सब मोह माया है 😀✊

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    1. 😭😭😭😭 मैं अब से कभी भी कोई sarcastic पोस्ट डालूँगी नहीं कोई समझता नहीं पोस्ट में आखिर कहा क्या जा रहा सबको मज़ाक सूझ रहा …😏😏😏

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      1. AP ek mahadev bhakt ki baton ko galat smjh rhi Hai sbki apni shradhaa Hai koi achhe var k liye Pooja krta Hai , koi dhan k liye to koi sukh smridhi k liye
        Aur kuch mere jaise bhi Hai Jo Sirf ram jane k liye mahadev ko mante hain !
        Mjak aur Mei ?😎

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      2. बाबा रे! इतना नहीं सोचते आप समझा करो कि मैं इतने दिन से आपलोगों के साथ हूँ तो आपको तो जान हीं गयी हूँ थोड़ा बहुत…😊😊😊

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      1. अरे अरे!! ज्योति जी मैंने आपके पोस्ट के sarcasm को बखूबी समझ लिया था, मैंने भी उसी संदर्भ में अपने आप को रख कर एक व्यंग्य ही किया है!!☺☺

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  6. अच्छी पत्नी तो हमारे घर वाले ही हमें बनाकर भेजते है, उसके लिए आप लड़कों को कोई खास यत्न करने की जरुरत नहीं हैं…सारी मेहनत तो हमारे हिस्से हीं आनी है!!

    hahaha ye line kafi achhi hai vaishe main hamesha kbhi kbhi yah sochta jarur tha kyoki jab mere dost hai wo kehti wo upwas hai to mere puchhne pe kehti ki achha war bhi milta hai to maine usse kaha tha fir ladko ko bhi rehna chahiye ki achhi biwi mile jo bechahre par thora reham kare

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    1. आपको जो लाइन अच्छी लगी दानिश ध्यान से पढ़ा और समझा जाए तो पूरे पोस्ट में कुछ खास कहने और पढ़ने लायक कुछ नहीं है सिवाय इसके…ये बस एक लाइन मात्र नहीं है ये हमारे समाज की सोच पर प्रहार है…काश कोई समझ ले भावनाओ को जो उस एक लाइन में निहित है!!

      Liked by 2 people

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