…राजनीतिज्ञ आपका चरित्र!

…..ज़िन्दगी है तो लोगों से जुड़ाव भी है और उनसे स्नेह भी है…किन्ही से ज्यादा तो किन्हीं से बेइंतेहा…ज्यादा तक तो ठीक है मगर ये बेइंतेहा मोहब्बत,स्नेह,लगाव हमें ही उदासियों के अँधेरों में सरकाता चला जाता है…बहुत तरह के लोग है कुछ तो ऐसे है जो आप पर भी बराबर स्नेह और प्यार बरसाते हैं जैसा आप उनको देते है..और तो और उससे कहीं ज्यादा हीं आपको समर्पित कर देते है। और इसी जहां में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनको मोहब्बत रास नहीं आती।चाहे वो मोहब्बत आप उनसे नि:स्वार्थ हीं क्यों नहीं करते हों …आप उनकी सारी बेरुखी नज़रंदाज़ करके उनपर मोहब्बत लुटाते-लुटाते नहीं थकेंगे और वो हैं कि आपकी बेकद्री करने में कोई कसर नही छोड़ेंगे। और इनसब के बीच आप भले बहुत दुख से भर जायेंगे मगर आप फिर भी उनको उसी तरह बेहिसाब,बेहद,बारंबार माफ करते हुए बेइंतेहा मोहब्बत लुटाते चलेंगे और बार-बार खुद को ही धोखे में रखेंगे और इनसब में उनकी कोई गलती नही है…गलती है तो वो आपकी खुद की गलती है उनका इसमें रत्तीभर दोष नहीं क्योंकि आपने स्वयं को उनके लिए easily available बनाया है…तो जाहिर सी बात है उन्हें आपकी कद्र होगी हीं क्यों…कद्र,फ़िक्र,चाहत तो हमें उसकी होती है जो हमें बामुश्किल मिलें।

मैंने अपनी छोटी सी उम्र में बहुत सारे तजुर्बे इकट्ठे किये हैं,जिनमें मेरा खुद का आपबीती ये है कि मैंने अपने ज़मीर का कुछ हिस्सा या यूँ कहुँ सारा हीं कुछ अपनों को समर्पित किया निस्वार्थ भाव से और वो लोग उस हिस्से को कुचल-कुचल कर ऐसे आगे बढ़ रहे हैं कि अब मैं खुद को खुद हीं समेट रही हूँ और अब भी उनकी खुशियों के लिए चोटें खाने के लिए खुद के बिखरे टुकड़े उनके सामने कुचलने के लिए उनके आगे रखती चल रही हूँ…हाँ मगर इतना है कि अब मैंने भी खुद को सीमित करना शुरू कर दिया है। देखते है इसमें मैं सफल होती भी हूँ कि नहीं क्योंकि मुश्किल है ये सब मेरे लिए…क्योंकि मैं उनके लिए easily available जो हूँ!! लेकिन इतना तो है…वो मेरे अपनों ने जब-जब मुझे दर्द पहुँचाया तब-तब इस दिल से होकर
उनके नाम का आँसू मेरी पलकों से गिरा और बह गया और उसी तरह वो भी नज़रों से बहते चले जा रहे हैं। अब अब उनका होना न होना एक समान है,मेरे लिए और मुझे अब कोई फ़र्क नहीं पड़ता ऐसा तो नहीं कहूँगी क्योंकि दिल जार-जार होता है मेरा हर बार,बार-बार मगर हाँ ये सच भी है कि भविष्य में मुझे भी शायद फ़र्क़ पड़ना बन्द हो जाए ऐसा उम्मीद करती हूँ मैं खुद से!!

सादा-दिल,साफ मन,बेइंतेहा निस्वार्थ मोहब्बत इन जैसों के लिए नहीं बनी है…आपसब राजनीति ही करिये…आपके चरित्र पर वही शोभनीय भी है….

और आख़िर में अली ज़रयून साहब का एक शेर आप सभी के लिए छोड़े जाती हूँ….

“लड़ते चले जाते हैं मगर शल नहीं होते
ये लोग मोहब्बत से भी कायल नहीं होते”

दोस्तों लोगों का क्या है…उन्हें हम न बदल सकते न बदलने की कोशिश करनी चाहिए…क्योंकि रंगा सियार वाली कहानी तो आपनें सुनी हीं होगी वही चरितार्थ हो जानी है ऐसा करने में जो हम अपना समय बर्बाद किये भी तो।
…इसलिए खुद खुश रहिए लोगों को खुश करने की जिम्मेदारी हमारी नहीं है मगर अगर हमारी वजह से अगर उनको खुशी मिलती है तो उनको खुश जरूर करें…कोई तो अपने जीवन मे खुश रहें और क्या चाहिए…कभी-कभी दूसरों की खुशियों में भी अपनी मुस्कान निखर जातीं है।
…बहुत शुक्रिया!!

  2k17©All Rights Reserved Emotional Queen


                         2k17©आपकी….Jयोति🙏


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30 thoughts on “…राजनीतिज्ञ आपका चरित्र!

  1. प्रिय ज्योति, तुमने सही कहा, कि इन्हें बदलने की कोशिश हमें नहीं करनी चाहिए. क्योंकि ये रंगे सियार हैं.

    पर बदलना हमें चाहिए!

    और इस कारण मैं कोशिश करते रहता हूँ!

    प्यार एवं आशीर्वाद. 🙂

    Liked by 1 person

  2. Very well spoken truth, better is to keep ourselves in boundries of limit whether its love or hate however i always wish worlds all light & love to you from everyone.
    Keep writing & stay blessed!😇

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